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छठ पूजा 2017: इन गीतों से होती है छठ की रौनक

काव्य डेस्क

Irshaad
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                            भगवान भास्कर की उपासना और छठ का महापर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। 24 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ शुरू हुए इस पर्व में पहला अर्घ्य 26 अक्टूबर को अस्त होते सूरज को दिया गया और 27 अक्टूबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ का महापर्व संपन्न हुआ। 
        
                                                    
                            

छठ पर्व के बारे में माना जाता है क‌ि यह पर्व संतान सुख प्रदान करने वाला है। इस पर्व की एक कथा के अनुसार सूर्य की बहन षष्ठी देवी नवजात बच्चों की रक्षा करती है। इसल‌िए माताएं इस पर्व को अपनी संतान की लंबी उम्र और उन्नत‌ि के ल‌िए व्रत रखती हैं। 

छठ व्रत का संबंध सूर्य से भी है। सूर्य को प्राण का कारक और ब्रह्माण्ड में प्रत्यक्ष देवता माना जाता है। इनकी उर्जा से मौसम चक्र चलता है। इसल‌िए इनकी प्रसन्नता सृष्ट‌ि को बनाए रखने के ल‌िए जरूरी है। इसल‌िए छठ पर्व पर सूर्य की पूजा होती है। 

इस पर्व में गीतों का भी ख़ास महत्व होता है। छठ के दौरान घरों में पारंपरिक गानों की गूंज सुनने को मिलती है। छठ पर्व पर बहुत से गीत गाए जाते हैं। कुछ लोकप्रिय गीतों को आप यहां सुन सकते हैं - 

1. उगा है सूरज देव… 

 


2. हो दीनानाथ... 

 

3. केलवा के पात पे उगेलन सुरुजमल… 

 

4. नरियरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेडराय, तोके मरबो रे सुगवा धनुख से… 

 

5. छठी मइया के दिहल ललनवा… 

 

6. हे छठी मईया... 

 

7. पहिले पहिल छठी मइया... 

 
 
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