विज्ञापन

Hasya Poetry: कवि जिमि मंच पर, भूखा जिमि लंच पर

काव्य डेस्क

Hasya
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            कवि जिमि मंच पर, भूखा जिमि लंच पर,
        
                                                    
                            
जिमि सरपंच पर न्याय का ख़ुमार है।

कामदेव मन पर मन गोरे तन पर,
जिमि मूलधन पर ब्याज अख़बार है।

पंडा जिमि घाट पर आलसी ज्यों खाट पर,
चंबल की बाट पर जैसे बटमार है।

श्वान जिमि गेट पर काला धन सेठ पर,
मंत्री जी के पेट पर बैठा भ्रष्टाचार है।

~ ओम् प्रकाश आदित्य

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।


लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से 

https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o 

एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Dasani

15 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12768 कविताएं

View Profile

Shivendra Mishra

4 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10521 कविताएं

View Profile