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अशोक चक्रधर: दूसरों की तरह क्यों नहीं जीते हो, इतनी क्यों पीते हो?

काव्य डेस्क

Hasya
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डॉक्टर बोला-


दूसरों की तरह
क्यों नहीं जीते हो,
इतनी क्यों पीते हो?
 

वे बोले-


मैं तो दूसरों से भी
अच्छी तरह जीता हूँ,
सिर्फ़ एक पैग पीता हूँ।
एक पैग लेते ही
मैं नया आदमी
हो जाता हूँ,
फिर बाकी सारी बोतल
उस नए आदमी को ही
पिलाता हूँ।
2 वर्ष पहले
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