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'जश्न-ए-अदब 2019' में 'आरंभ है प्रचंड, बोल मस्तकों के झुंड' से समा बांधेंगे पीयूष मिश्रा

रत्नेश मिश्र

Halchal
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करते हैं जो मेहनत लक्ष्य को पाने के लिए
दुनिया में वही लोग हासिल मुकाम करते हैं
भूल जाते हैं जो दिन रात का आराम 
एक दिन उन्हीं को दुनिया वाले सलाम करते हैं


अपने गीतों और अभिनय से बॉलीवुड में खास पहचान बनाने वाले एक भारतीय नाटक अभिनेता, संगीत निर्देशक, गायक, गीतकार, पटकथा लेखक 'पीयूष मिश्रा' वैसे तो किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं लेकिन फिर भी दुनिया में बहुत कम लोग होते हैं जो सबकुछ हार जाने के बाद भी अपने दम पर शिखर तक पहुंच पाते हैं। अपनी कलम के दम पर अर्श से फर्श तक पहुंचने वालों की संख्या में पीयूष मिश्रा का नाम भी शामिल है। जब-जब देश में अच्छे लेखकों की बात होती है तो पीयूष मिश्रा का नाम भी लिया जाता है।  
 
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फिल्म गुलाल में प्रसिद्ध गीत 'आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड, आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो' के लेखक पीयूष मिश्रा अपने बैंड 'बल्लीमारान' के साथ  'जश्न-ए-अदब 2019' में शिरकत करेंगे। वे अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'कुछ इश्क किया कुछ काम किया' जैसी पंक्तियां गुनगुनाकर वह अपने प्रशंसकों को अपने आप से जोड़़ लेते हैं।  
6 वर्ष पहले
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