1
व्याकुल गाँव
व्याकुल होरी के हैं
घायल पाँव ।
2
कर्ज़ का भार
उजड़े हुए खेत
सेठ की मार ।
3
बेटी मुस्काई
बहू बन पहुँची
लाश ही पाई ।
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यह जनता
मेले में गुमशुदा
अबोध शिशु
5
नई सभ्यता
आंगन में उगाते
हैं नागफनी
6
दाएँ न बाएँ
खड़े हैं अजगर
किधर जाएँ ।
लूट रहे हैं
सब पहरेदार
इस देश को
8
मौत है आई
जीना सिखलाने को
देंगे बधाई ।
9
मैं नहीं हारा
है साथ न सूरज
चाँद न तारा ।
10
साँझ की बेला
पंछी ॠचा सुनाते
मैं हूँ अकेला ।