हाइकु जापानी शैली की लघु कविता है। इसमें 17 वर्ण होते हैं और इसे तीन पंक्तियों में लिखा जाता है। पहली पंक्ति में पांच वर्ण, दूसरी में सात, और तीसरी में फिर पांच वर्ण होते हैं।
जन्म मरण
समय की गति के
हैं दो चरण
* * *
वो हैं अकेले
दूर खड़े होकर
देखें जो मेले
* * *
मेरी जवानी
कटे हुये पंखों की
एक निशानी
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हे स्वर्ण केशी
भूल न यौवन है
पंछी विदेशी
* * *
वो है अपने
देखें हो मैंने जैसे
झूठे सपने
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किससे कहें
सब के सब दुख
खुद ही सहें
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हे अनजानी
जीवन की कहानी
किसने जानी
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ओस की बूंद
फूल पर सोई जो
धूल में मिली
* * *
वो हैं अपने
जैसे देखे हैं मैंने
कुछ सपने
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किसको मिला
वफा का दुनिया में
वफा ही सिला
-गोपाल दास नीरज
साभार- कविता कोश