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जगदीश व्योम: सूर्य के पांव, चूमकर सो गए, गांव के गांव

काव्य डेस्क

Haiku
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हाइकु जापानी शैली की लघु कविता है। इसमें 17 वर्ण होते हैं और इसे तीन पंक्तियों में लिखा जाता है। पहली पंक्ति में पांच वर्ण, दूसरी में सात, और तीसरी में फिर पांच वर्ण होते हैं


उगने लगे
कंकरीट के वन
उदास मन !
  * * *

धूप के पांव 
थके अनमने से 
बैठे सहमे।
   * * *

मरने न दो
परम्पराओं को कभी
बचोगे तभी।
  * * *

कुछ कम हो 
शायद ये कुहासा
यही प्रत्याशा।
  * * *

मिलने भी दो
राम और ईसा को
भिन्न हैं कहां !
  * * *

बिना धुरी के
घूम रही है चक्की
पिसेंगे सब।
  * * *

चींटी बने हो 
रौंदे तो जाआगे ही
रोना धोना क्यों?
  * * *

सूर्य के पांव
चूमकर सो गए
गांव के गांव।
  * * *

यूं ही न बहो
पर्वत–सा ठहरो
मन की कहो।
  * * *

पतंग उड़ी 
डोर कटी‚बिछुड़ी
फिर न मिली।

- जगदीश व्योम
साभार-  कविता कोश
 
7 वर्ष पहले
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