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कुंडली में शश राजयोग बनने से हमेशा मिलती है शनिदेव की विशेष कृपा, व्यक्ति बनता है धन-दौलत का मालिक

Wed, 08 Jan 2025 02:31 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

कुंडली में कई तरह के योग होते हैं। शश राजयोग पंचमहापुरुष राजयोग में से एक राजयोग होता है और वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह कुंडली में शनि के द्वारा बनता है। जब शनिदेव लग्न या चंद्र भाव से केंद्र भाव में हो।
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शश पंच महापुरुष राजयोग - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के राजयोगों के बारे में बताया गया है। इन राजयोगों में पंचमहापुरुष राजयोग का विशेष महत्व होता है, जिसमें एक शश राजयोग भी होता है। शश राजयोग को बहुत ही कारगर और शुभफलदायी माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में यह राजयोग बनता है ऐसे व्यक्ति के जीवन में कभी भी भौतिक सुख और धन की कमी नहीं होती है। शश राजयोग के बनने पर व्यक्ति बहुत ही धनवान और योग्य होता है। ऐसे जातक कोई बहुत बड़ा काम करते हैं जिनका समाज में मान-सम्मान होता है और एक अलग तरह की पहचान होती है। शश राजयोग के निर्माण में शनिदेव की विशेष भूमिका होती है और व्यक्ति पर विशेष कृपा होती है। आइए जानते हैं कुंडली में कब और कैसे शश राजयोग का निर्माण होता है और इसके क्या-क्या फायदे होते हैं। 

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कुंडली में शश राजयोग 
शश राजयोग पंचमहापुरुष राजयोग में से एक राजयोग होता है और वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह कुंडली में शनि के द्वारा बनता है। जब शनिदेव लग्न या चंद्र भाव से केंद्र भाव में हो। यानी इसका अर्थ शनि जिस किसी की कुंडली में लग्न अथवा चंद्रमा से पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में तुला, मकर या कुंभ राशि में स्थिति हो तो कुंडली में शश राजयोग का निर्माण होता है। जिन जातकों की कुंडली में यह राजयोग बनता है वे लोग बहुत ही भाग्यशाली और धनवान होते हैं।

शश राजयोग के लाभ
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शश राजयोग को बहुत ही शुभ और अच्छा राजयोग माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में यह राजयोग बनता है ऐसा व्यक्ति समाज में खूब मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है। ऐसे लोग राजनीति में बहुत सफल होता है। इनके पास अच्छा नेतृत्व करने की क्षमता रहती है। जिन लोगों की कुंडली में शनिदेव उच्च के होकर बैठते हैं यानी शनिदेव तुला राशि में होते तो ऐसा व्यक्ति अपने करियर में बहुत बड़ा और ऊंचा मुकाम को हासिल करता है। 
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वैदिक ज्योतिष कुंडली में शश राजयोग बनने पर शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है। वहीं अगर शनिदेव तुला राशि में विराजमान होते हैं तो बहुत ही शुभफल की प्राप्ति होती है। तुला राशि में शनि के होने पर यह उच्च के हो जाते हैं और ऐसे में इन लोगों के पास अकूत धन-संपत्ति होती है। इस तरह के लोग बहुत ही मेहनती, ईमानदार और न्यायप्रिय होते हैं। इस तरह के लोग कभी भी बंधन में नहीं रहते और जीवन में हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहते हैं। ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। 
 
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