देखें, सुनें और खो जाएं - मिर्ज़ा ग़ालिब तमसीली मुशायरा

2.5K Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Sep 2017 09:13 PM IST

देखिये और एहसास-ए-सुखन करिये मिर्ज़ा ग़ालिब तमसीली मुशायरा का!

कहते है ग़ालिब का शेर कवियों की रगों में दौड़ता है।

कुछ ऐसी ही शख्सीयतें मसलन अालोक श्रीवास्तव, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, मंज़र भोपाली और ख़ुर्शीद हैदर मिले दिल्ली के इस तमसीली मुशायरे में। 

तो लुत्फ़ उठाएं अमर उजाला की ख़ास पेशकश का - मिर्ज़ा ग़ालिब तमसीली मुशायरा! 

Javed Akhtar famous lyricist video kavita 1:10

वीडियो कविता : जावेद अख़्तर, बहाना ढूंढते रहते हैं रोने का

734 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Wed, 17 Jan 2018 12:57 PM IST

बहाना ढूंढते रहते हैं रोने का 

 Faiz Ahmad Faiz Urdu poet Video Kavita 0:51

वीडियो कविता : फ़ैज़ अहमद फ़ैज़- ये धूप किनारा, शाम ढले

467 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Mon, 15 Jan 2018 11:57 AM IST

 फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की वीडियो कविता।

Outstanding Hindi poet Mahadevi verma best poem 1:49

मैं नीर भरी दुख की बदली : महादेवी वर्मा

1.6K Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Thu, 23 Nov 2017 12:50 PM IST

मैं नीर भरी दुख की बदली!

स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,
क्रंदन में आहत विश्व हँसा,
नयनों में दीपक से जलते,
पलकों में निर्झणी मचली!

मेरा पग-पग संगीत भरा,
श्वांसों में स्वप्न पराग झरा,
नभ के नव रंग बुनते दुकूल,
छाया में मलय बयार पली!

मैं क्षितिज भृकुटि पर घिर धूमिल,
चिंता का भार बनी अविरल,
रज-कण पर जल-कण हो बरसी,
नव जीवन-अंकुर बन निकली!

पथ न मलिन करता आना,
पदचिह्न न दे जाता जाना,
सुधि मेरे आगम की जग में,
सुख की सिहरन हो अंत खिली!

विस्तृत नभ का कोई कोना,
मेरा न कभी अपना होना,
परिचय इतना इतिहास यही,
उमड़ी कल थी मिट आज चली!

- महादेवी वर्मा 

Father of nazms and Indian poet Nazeer Akbarabadi best poem 1:53

वीडियो कविता : नज़ीर अकबराबादी- दूर से आए थे साक़ी सुन मैख़ाने को हम

825 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Nov 2017 10:28 AM IST

नज़ीर 18 वीं शदी के भारतीय शायर थे जिन्हें "नज़्म का पिता" कहा जाता है।

famous hindi poet Kunwar Narayan video kavita 2:01

कुंवर नारायण : दीवार पर टंगी घड़ी कहती - उठो अब वक्त आ गया है...

1K Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Thu, 16 Nov 2017 12:35 PM IST

कुंवर नारायण की प्रसिद्ध कविता 'प्रस्थान के बाद' का वीडियो रूपांतरण

Famous Urdu poet and lyricist Khumar Barabankvi ghazal 2:11

वीडियो कविता : ख़ुमार बाराबंकवी- अकेले हैं वो और झुंझला रहे हैं

748 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Mon, 13 Nov 2017 12:46 PM IST

ख़ुमार साहब महान शायर और गीतकार मजरूह सुलतानपुरी आपके अज़ीज़ दोस्त थे। आपका अंदाजे बयां भी औरों से अलग था जो इनकी ख़ूबसूरत ग़ज़लों में और भी चार-चाँद लगाता था।

Famous lyricist and poet and shayr Gulzar ghazal  2:09

वीडियो कविता : गुलजार- हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते

318 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Sun, 12 Nov 2017 01:07 PM IST

हिन्दी सिनेमा ही नहीं पूरे साहित्य जगत् में फिल्मकार-गीतकार-पटकथा लेखक और शायर गुलज़ार जैसे रचनात्मक व्यक्तित्व वाले लोग गिने चुने हैं। उनके रचनाएं इस बात की गवाह हैं।

Renowned Hinvi poet Amir Khusrow best ghazal 1:53

वीडियो कविता : अमीर ख़ुसरो- जो मैं जानती बिसरत हैं सैय्या, घुँघटा में आग लगा देती

892 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Nov 2017 10:45 AM IST

अमर उजाला काव्य अपने पाठकों के लिए 'हिन्दी की बेहतरीन ग़ज़लें' - हर रोज़ पेश करेगा। पेश है अमीर ख़ुसरो की हिन्दी ग़ज़ल।

Noted Urdu poet Saeed Rahi best ghazal 1:59

वीडियो कविता : सईद राही- कोई पास आया सवेरे सवेरे

221 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Thu, 09 Nov 2017 06:55 PM IST

उर्दू के जाने-माने शायर सईद राही की दुनियावी हक़ीकत को बयां करती ग़ज़ल। 

Eminent Urdu poet and lyricist Khumar Barabankvi best ghazal 2:49

वीडियो कविता : ख़ुमार बाराबंकवी- वो हमें जिस क़दर आज़माते रहे

298 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Tue, 07 Nov 2017 10:16 AM IST

अजीम शायर खुमार बाराबंकवी को प्यार से बेहद करीबी लोग 'दुल्लन' भी बुलाते थे। आपका अंदाजे बयां भी औरों से अलग था जो इनकी ख़ूबसूरत ग़ज़लों में और भी चार-चाँद लगाता था।  हर मिसरे के बाद "आदाब" कहने की इनकी अदा इन्हें बाकियों से मुख्तलिफ़ करती है।

  Renowned Hindi poet Baba Nagarjun best poem  1:36

वीडियो कविता : नागार्जुन- कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास

649 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Sat, 04 Nov 2017 10:02 AM IST

बाबा नागार्जुन हिन्दी काव्य जगत के एेसे  सितारे थे, जिन्होंने फ़क़ीरी और बेबाक़ी से अपनी अनोखी पहचान बनाई। कबीर की पीढ़ी के महान कवि नागार्जुन की यह कविता 'अकाल'  से उपजी हुई स्थितियों पर आधारित है।

Patriotic hindi poet Sohanlal Dwivedi famous poem koshish karane walon ki har nahi hoti 2:29

वीडियो कविता : सोहनलाल द्विवेदी- कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

430 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Nov 2017 01:06 PM IST

राष्ट्रीयता से भरपूर रचनाओं के लिए सोहनलाल द्विवेदी का नाम अग्रणी है। लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती कविता भी भी बहुत प्रसिद्ध हुई।

Video kavita of renowned Urdu poet Rahi Masoom Raza 2:10

वीडियो कविता : राही मासूम रज़ा

774 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Tue, 31 Oct 2017 01:23 PM IST

राही मासूम रज़ा अपने समय के उम्दा शायर थे, मिशाल के ताैर पर ये ग़ज़ल है।गंगा-जमुनी तहज़ीब के पैरोकार इस शायर की शायरी में जीवन के कटु यथार्थों की झलक मिलती है।

Daag was a classical Urdu poets who celebrated life and love 2:38

दाग़ देहलवी : तुम्हारे ख़त में नया एक सलाम किसका था

1.2K Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Sun, 29 Oct 2017 12:51 PM IST

उर्दू कविता, ग़ज़ल के अमिट हस्ताक्षर दाग़ देहलवी ने रोमांटिक शायरी को नई ऊंचाई दी। भाषा की स्वच्छता तथा प्रसाद गुण होने से इनकी कविता अधिक प्रचलित हुई पर इसका एक कारण यह भी है कि इनकी कविता कुछ सुरुचिपूर्ण भी है।

Famous poet and lyricist Sudarshan Faakir best ghazal 1:52

वीडियो कविता : सुदर्शन फ़ाकिर- कुछ तो दुनिया की इनायात ने दिल तोड़ दिया

768 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Wed, 25 Oct 2017 12:18 PM IST

दुनियाभर के करोड़ों ग़ज़ल प्रेमियों को अपनी रचनाओं से दीवाना बनाने वाले सुदर्शन फ़ाकिर ने मोहब्बत, ज़िंदगी और उदासी को नए मायने दिए। 

Famous Urdu poet Saeed Rahi ghazal 2:25

वीडियो कविता : सईद राही- जब इश्क़ तुम्हे हो जाएगा

1.2K Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Tue, 24 Oct 2017 11:54 AM IST

सईद राही उर्दू के जाने-माने शायर हैं। प्रेम की शुरुआत होते ही आदमी की मनःस्थिति कैसे बदलती है, उसके जज़्बात कैसे भागने लगते हैं, इस ग़ज़ल से समझा जा सकता है।

Video Kavita of famous Urdu poet Qaiser ul Jafri 2:37

वीडियो कविता : क़ैसर-उल जाफ़री

539 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Oct 2017 11:42 AM IST

उर्दू के मशहूर शायर क़ैसर-उल जाफ़री ने कई रूमानी ग़ज़लें लिखी हैं, जिसे हिंदी के पाठक भी आसानी से समझ सकते हैं।युवा और किशोर मन को टटोलकर वे अपने शायराना मिज़ा़ज को अंजाम तक ले जाते हैं।

video kavita of famous poet faiz ahmad faiz ghazal 1:49

वीडियो कविता : फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

770 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Oct 2017 04:28 PM IST

सामूहिकता के अनुभवों और जनता की आवाज़ बन जाने के बावजूद फैज़ की शायरी में ऐसा कुछ तो मौजूद ही है जो फै़ज़ का बिल्‍कुल अपना है। फै़ज़ की चेतना फ़ैज़ के व्‍यक्तित्‍व से अलग नहीं है। फ़ैज़ का जीवन उनका स्‍वभाव, उनका अक्‍खड़पन और निराला अंदाज़ उनकी शायरी का भी मिज़ाज है। 

 

video kavita ghazal of famous hindi poet kabir das 1:29

वीडियो कविता : कबीर दास

775 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Wed, 18 Oct 2017 10:38 AM IST

हमन है इश्क मस्ताना हमन को होशियारी क्या ? 
रहें आज़ाद या जग से हमन दुनिया से यारी क्या ? 

जो बिछुड़े हैं पियारे से भटकते दर-ब-दर फिरते, 
हमारा यार है हम में हमन को इंतज़ारी क्या ? 

ख़लक़ सब नाम अपने को बहुत कर सिर पटकता है, 
हमन गुरनाम साँचा है हमन दुनिया से यारी क्या ? 

न पल बिछुड़े पिया हमसे न हम बिछड़े पियारे से, 
उन्हीं से नेह लागी है हमन को बेक़रारी क्या ? 

कबीरा इश्क़ का माता, दुई को दूर कर दिल से, 
जो चलना राह नाज़ुक है, हमन सिर बोझ भारी क्या ? 

- कबीर 

साभार - हिन्दी की बेहतरीन ग़ज़लें, भारतीय ज्ञानपीठ

video kavita ghazal of jaan nisar akhtar ghazal hum se bhaga na karo door ghazalon ki tarah 2:24

वीडियो : जाँ निसार अख़्तर की ग़ज़ल - गुनगुनाते हुए और आ कभी उन सीनों में

426 Views
काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Oct 2017 12:40 PM IST

हम से भागा न करो दूर ग़ज़ालों की तरह
हम ने चाहा है तुम्हें चाहने वालों की तरह

ख़ुद-ब-ख़ुद नींद सी आँखों में घुली जाती है 
महकी महकी है शब-ए-ग़म तिरे बालों की तरह 

तेरे बिन रात के हाथों पे ये तारों के अयाग़ 
ख़ूब-सूरत हैं मगर ज़हर के प्यालों की तरह 

और क्या इस से ज़ियादा कोई नरमी बरतूँ 
दिल के ज़ख़्मों को छुआ है तेरे गालों की तरह 

गुनगुनाते हुए और आ कभी उन सीनों में 
तेरी ख़ातिर जो महकते हैं शिवालों की तरह 

तेरी ज़ुल्फ़ें तेरी आँखें तेरे अबरू तेरे लब 
अब भी मशहूर हैं दुनिया में मिसालों की तरह 

हम से मायूस न हो ऐ शब-ए-दौराँ कि अभी 
दिल में कुछ दर्द चमकते हैं उजालों की तरह 

मुझ से नज़रें तो मिलाओ कि हज़ारों चेहरे 
मेरी आँखों में सुलगते हैं सवालों की तरह 

और तो मुझ को मिला क्या मेरी मेहनत का सिला 
चंद सिक्के हैं मेरे हाथ में छालों की तरह 

जुस्तुजू ने किसी मंज़िल पे ठहरने न दिया 
हम भटकते रहे आवारा ख़यालों की तरह 

ज़िंदगी जिस को तेरा प्यार मिला वो जाने 
हम तो नाकाम रहे चाहने वालों की तरह 

- जाँ निसार अख़्तर 

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen