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UNICEF India: मिलिए बिहार की बैडमिंटन खिलाड़ी चांदनी खातून से, 18 साल की उम्र में प्राप्त की ये उपलब्धि

बैडमिंटन खिलाड़ी चांदनी खातून
                
                                                         
                            
UNICEF India: भारत में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) बच्चों और किशोरियों के विकास के लिए कार्य कर रहा है। यूनिसेफ भारत सरकार और अन्य संस्थानों के साथ मिलकर कई कार्यक्रम चला रहा है, जो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास के लिए प्रयासरत हैं। इन्हीं कार्यक्रमों में से एक है किलकारी कार्यक्रम। यूनिसेफ और बिहार सरकार की सहायता से जारी किलकारी कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को रजिस्टर किया जाता है और उनकी स्थिति में सुधार के लिए कार्य किया जाता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत साल 2008 में हुई। बिहार सरकार किलकारी योजना को वित्तीय सहायता देती है। बिहार की कई किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपने को पूरा करने में इस योजना का बड़ा योगदान है। यूनिसेफ और किलकारी योजना के तहत किशोरियों को सशक्त बनाने और उनके उज्जवल भविष्य के किए जा रहे प्रयासों पर अमर उजाला की सीरीज में बिहार की बैडमिंटन खिलाड़ी चांदनी खातून के बारे में जानें।

बैडमिंटन खिलाड़ी चाँदनी खातून

देश की बेटियां अपने भविष्य को संवारने के लिए सपने देखती हैं। उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करती हैं लेकिन कई कारणों से अपने सपने पूरे नहीं कर पातीं। उनके पास स्रोतों की कमी होती है। कुछ को परिवार का समर्थन नहीं मिलता तो वहीं कुछ आर्थिक और सामाजिक बंदिशों के कारण लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पातीं।

बिहार की चांदनी खातून को भी अपने सपने को पूरा करने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 18 वर्ष की चांदनी बिहार की रहने वाली हैं। वह बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वह किलकारी के लिए बैडमिंटन मैच खेलती हैं। लेकिन जब उन्हें खेलने के लिए बाहर जाना पड़ा तो उनकी मां ने मना कर दिया।

जीते कई अवार्ड

चांदनी की मां का कहना था कि वह केवल किलकारी के लिए ही खेल सकती हैं और बाहर जाकर खेलने की अनुमति नहीं है। हालांकि जब चांदनी खेल में अवार्ड जीतकर घर लाईं तो प्रदेश के साथ ही उनके परिवार का नाम भी रोशन हुआ। तब जाकर उनकी मां को बेटी पर गर्व महसूस हुआ और उन्होंने बाहर जाकर खेलने की अनुमति दे दी।

किलकारी योजना 8 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए कार्य करती है। किलकारी के तहत बच्चों को बहुत सारी सुविधा और स्काॅलरशिप दी जाती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को फाइन आर्ट्स, क्राफ्ट, रचनात्मक लेखन और खेल आदि सह पाठ्यक्रम गतिविधियों में प्रशिक्षित करना और आत्मविश्वास जगाना है।
 
3 वर्ष पहले

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