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पॉल वेरलेन की सुंदर कविता 'छत के ऊपर छाया गहन शान्त नीला अम्बर'

Paul verlaine hindi kavita chhatt ke oopar chhaya gahan neela ambar
                
                                                         
                            

छत के ऊपर छाया गहन शान्त नीला अम्बर 
एक वृक्ष अपने पर्ण हिलाए 
इस छत पर

और देखते, घण्टियाँ आकाश में बजतीं धीरे-धीरे 
एक पँछी वृक्ष पर गाता
अपना दर्द बिखेरे

मेरे प्रभु ! यहाँ जीवन है शान्त सरल 
एक हल्का -सा कोलाहल 
शहर से आता चलकर

तुमने क्या किया यहाँ, विलाप नहीं रुकता 
बताओ ! तुमने क्या किया, यहाँ 
अपने यौवन का?


अनुवाद : अनिल जनविजय
साभार- कविताकोश 

7 वर्ष पहले

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