नोबेल विजेता कवि पाब्लो नेरूदा की कविता : ताकि तुम मुझे सुन सको

पाब्लो नेरूदा
                
                                                             
                            ताकि तुम सुन सको मुझे
                                                                     
                            

मेरे शब्दों को
कभी-कभी वे होते विरल

समुद्री चिड़ियों के पदचिन्हों-से समुद्र-तटों पर

यह गलहार मदमस्त घंटी

छैलकड़ी तुम्हारे अंगूरी नरम हाथों के लिए

और मैं देखता हूँ अपने शब्दों को एक लम्बी दूरी से

मुझ से बहुत अधिक वे तुम्हारे हैं,

लता की तरह मेरी पुरानी पीड़ाओं पर वे करते आरोहण

जो चढ़ती सीलन-भरी दीवारों पर इसी तरीक़े से,
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10 months ago

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