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रिश्तों की ज़रूरत समझाती यह कविता भावुक कर देगी...

Viral poetry on relations and life
                
                                                         
                            

मैं रूठा,
तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन ?

आज दरार है,
कल खाई होगी 
फिर भरेगा कौन ?

मैं चुप,
तुम भी चुप 
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ?

बात छोटी को लगा लोगे दिल से, 
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ?

दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर, 
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ?

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8 वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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