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Urdu Poetry: ख़ैर तुम ने भी दिल दुखा ही दिया

उर्दू अदब
                
                                                         
                            जब न आएँ नज़र हज़ारों में
                                                                 
                            
ढूँढ लेना हमें सितारों में

ख़ैर तुम ने भी दिल दुखा ही दिया
तुम को रक्खा था ग़मगुसारों में

तेरी तस्वीर ग़र्क़ होती है
रोज़ आँखों के आबशारों में

नाख़ुदा बढ़ चलो भँवर की सम्त
क्या ही रक्खा है इन किनारों में

उन की आँखों में ग़ौर से देखो
कितनी उजलत है बे-सहारों में

बा'द मुद्दत के बाम पर आ कर
खो गए आज चाँद-तारों में

आज तो 'अंदलीब' अपना भी
दिल नहीं लग रहा बहारों में

~ शम्पा अंदलीब

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41 मिनट पहले

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