अपना ज़माना आप बनाते हैं अहले दिल,
हम वो नहीं कि जिसको ज़माना बना गया।
- जिगर मुरादाबादी
वही हक़दार हैं किनारों के
जो बदल दें बहाव धारों के
- निसार इटावी
अब हवाएं ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
- महशर बदायूंनी
इन्हीं ग़म की घटाओं से ख़ुशी का चांद निकलेगा
अंधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है
- अख़्तर शीरानी
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