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आज का शब्द: यति और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता- सब कुछ कह लेने के बाद

आज का शब्द- यति और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता: सब कुछ कह लेने के बाद
                
                                                         
                            यति यानि सन्यासी, त्यागी अथवा ब्रह्मचारी। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम शब्द' श्रृंखला में आज का शब्द है- यति। प्रस्तुत है सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता: सब कुछ कह लेने के बाद
                                                                 
                            

सब कुछ कह लेने के बाद 
कुछ ऐसा है जो रह जाता है, 
तुम उसको मत वाणी देना। 

वह छाया है मेरे पावन विश्वासों की, 
वह पूँजी है मेरे गूँगे अभ्यासों की, 
वह सारी रचना का क्रम है, 
वह जीवन का संचित श्रम है, 
बस उतना ही मैं हूँ, 
बस उतना ही मेरा आश्रय है, 
तुम उसको मत वाणी देना।  आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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