'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- निष्ठा, जिसका अर्थ है- किसी की विश्वसनीयता, सत्ता सामर्थ्य आदि के प्रति होने वाला पूज्य भाव। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता- अँधेरी रात में दीपक जलाए कौन बैठा है?
एक
अँधेरी रात में दीपक
जलाए कौन बैठा है?
उठी ऐसी घटा नभ में
छिपे सब चाँद औ’ तारे,
उठा तूफ़ान वह नभ में
गए बुझ दीप भी सारे;
मगर इस रात में भी लौ
लगाए कौन बैठा है?
अँधेरी रात में दीपक
जलाए कौन बैठा है?
दो
गगन में गर्व से उठ-उठ,
गगन में गर्व से घिर-घिर,
गरज कहती घटाएँ हैं,
नहीं होगा उजाला फिर;
मगर चिर ज्योति में निष्ठा
जमाए कौन बैठा है?
अँधेरी रात में दीपक
जलाए कौन बैठा है?
आगे पढ़ें
कमेंट
कमेंट X