हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है - मीलित जिसका अर्थ है - 1. बंद किया या मूंदा हुआ 2. संकुचित किया हुआ। कवयित्री महादेवी वर्मा ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।
जाने किस जीवन की सुधि ले
लहराती आती मधु-बयार!
रंजित कर ले यह शिथिल चरण, ले नव अशोक का अरुण राग,
मेरे मण्डन को आज मधुर, ला रजनीगन्धा का पराग;
यूथी की मीलित कलियों से
अलि, दे मेरी कबरी संवार।
पाटल के सुरभित रंगों से रंग दे हिम-सा उज्जवल दुकूल,
गूंथ दे रशमा में अलि-गुंजन से पूरित झरते बकुल-फूल;
रजनी से अंजन मांग सजनि,
दे मेरे अलसित नयन सार !
तारक-लोचन से सींच सींच नभ करता रज को विरज आज,
बरसाता पथ में हरसिंगार केशर से चर्चित सुमन-लाज;
कंटकित रसालों पर उठता
है पागल पिक मुझको पुकार!
लहराती आती मधु-बयार।
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