हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है क्षण जिसका अर्थ है 1. पल; काल की अत्यंत छोटी इकाई 2. अवसर; मौका 3. एक बार पलक झपकने भर का समय। कवि हरिवंशराय बच्चन ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।
क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
अर्द्ध रात्रि में सहसा उठकर,
पलक संपुटों में मदिरा भर
तुमने क्यों मेरे चरणों में अपना तन-मन वार दिया था?
क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
यह अधिकार कहाँ से लाया?
और न कुछ मैं कहने पाया
मेरे अधरों पर निज अधरों का तुमने रख भार दिया था!
क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
वह क्षण अमर हुआ जीवन में,
आज राग जो उठता मन में
यह प्रतिध्वनि उसकी जो उर में तुमने भर उद्गार दिया था!
क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
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