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आज का शब्द: जूड़ा और रुचि चतुर्वेदी की कविता- जी रहे हैं स्वाँस को विश्वास देकर

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- जूड़ा, जिसका अर्थ है- सिर के बालों को लपेटकर उनकी बाँधी हुई गाँठ, चोटी। प्रस्तुत है रुचि चतुर्वेदी की कविता- जी रहे हैं स्वाँस को विश्वास देकर
                                                                 
                            

बिन तुम्हारे जी रहे हैं स्वाँस को विश्वास देकर,
एक दिन सचमुच मिलोगे देह से बंधन बंधाने।

नैन व्याकुल हो रहे हैं आँसूओं ने कह दिया सब,
बाँध ना पाये हैं जूड़ा गेसुओं ने कह दिया सब।
इक नदी प्यासी अधर पर है प्रतीक्षा में तुम्हारी।
एक कविता है प्रतिक्षित राह में बैठी कुँवारी॥

आपका मुख ही दिखायी दे रहा चहुँ ओर हर पल,
आ भी जाओ मन निशा में प्रेम का दीपक जलाने॥
बिन तुम्हारे जी रहे हैं स्वाँस को विश्वास देकर,
एक दिन सचमुच मिलोगे देह से बंधन बंधाने। आगे पढ़ें

3 वर्ष पहले

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