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आज का शब्द: जननी और  गोपालदास 'नीरज' की कविता- साथी सब सहना पड़ता है...

आज का शब्द- जननी और  गोपालदास 'नीरज' की कविता: साथी सब सहना पड़ता है...
                
                                                         
                            'जननी' यानि मां या उत्पन्न करने वाली। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- जननी। प्रस्तुत है गोपालदास 'नीरज' की कविता:  साथी सब सहना पड़ता है...
                                                                 
                            

साथी, सब सहना पड़ता है। 
उर-अंतर के अरमानों को, 
छालों को मधु-वरदानों को, 
और मूक गीले गानों को 

निर्मम कर से स्वयं कुचल कर 
और मसल कर— 
भी तो #जननी के सम्मुख 
असमर्थ हमें हँसना पड़ता है।  आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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