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आज का शब्द: चिन्मय और कल्पना 'मनोरमा' की कविता- फिर बाँटें उजाले

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- चिन्मय, जिसका अर्थ है- ज्ञानमय या चेतनायुक्त। प्रस्तुत है कल्पना मनोरमा की कविता- फिर बाँटे उजाले 
                                                                 
                            

ढूंढ लायें क्यारियों से
एक चिन्मय भोर
फिर बाँटें उजाले।

चिमनियों ने छितिज से
शबनम चुराई रात रोई
बुलबुलों ने कंठ में सरगम
छिपाई,बात खोई
माँग लें व्यापारियों से
एक विनिमय भोर
फिर बाँटें उजाले।

सीपियों के पेट खारा जल
बने मोती कहाँ से
ज्ञान की जलती अँगीठी,
पर सिंकें रोती कहाँ से
विहग कलरव में मचलती
एक तन्मय भोर लें,
बाँटे उजाले।
2 वर्ष पहले

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