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जब मुशायरे में एक शख़्स ने शायर को तारा मसीह (एक जल्लाद) कहा, फिर बशीर बद्र ने जो जवाब दिया...

जब मुशायरे में एक शख़्स ने एक शायर तारा मसीह (एक जल्लाद) कहा, फिर बशीर बद्र ने जो जवाब दिया...
                
                                                         
                            अमरोहा में मुशायरा बहुत सुकून से चल रहा था। शायर भी मुतमइन और सुनने वाले भी ख़ुश कि बीच मजमे से एक बहुत मा’क़ूल शख़्सियत वाले साहिब उठे और खड़े हो कर आ’दिल लखनवी की तरफ़ इशारा करके बोले,  “डाक्टर साहिब, वो शायर जिनकी सूरत तारा मसीह (जिस जल्लाद ने वज़ीर-ए-आज़म पाकिस्तान ज़ुल्फ़क़ार अली भुट्टो को फांसी दी थी) के हू-ब-हू है, उन्हें पढ़वा दीजिए।” 
                                                                 
                            
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2 वर्ष पहले

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