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तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अंजाना...

एक दूजे के लिए
                
                                                         
                            इश्क में संकल्प को परिभाषित करती फिल्म 'एक दूजे के लिए' ने देश के कई शहरों में सिल्वर ज्युबली मनाई थी। प्रेम के भावपूर्ण गीतों और दिलकश संगीत की वहज से यह फिल्म युवाओं में चर्चित हुई थी। 1981 में रिलीज हुई के बालचंदर की यह फिल्म दो अलग-अलग जाति के युवाओं की प्रेम कहानी है। जिसमें गीत-संगीत के साथ इश्क की तरंगें हर पल लहराती हैं। इस फिल्म में एक से बेहतर एक गीत हैं। जिनमें से 'तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अंजाना' गीत एक प्रकार से मुहब्बत की फुलवारी है। 
                                                                 
                            

ओ, तेरे मेरे बीच में
कैसा है यह बन्धन अंजाना
मैंने नहीं जाना, तूने नहीं जाना 
तेरे मेरे बीच में...


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8 वर्ष पहले

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