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केजे येशुदास के गाए ये 10 गीत जिनमें ठहरी हैं इश़्क की कहानियां

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                            डॉ. के.जे. येसुदास यानी कट्टास्सेरी जोसेफ येसुदास का जन्म 10 जनवरी, 1940 को केरला के फोर्ट कोच्चि में हुआ था। उनके पिता अगस्टिन जोसेफ एक प्रसिद्ध मलयालम शास्त्रीय संगीतकार और उस युग के मंच पर अभिनय करने वाले अभिनेता थे। उनके पिता ही उनके पहले गुरु (शिक्षक) थे। गायन के लिए उनकी प्रतिभा तभी स्पष्ट हो गई थी जब वह त्रिपुनित्तरा में संगीत अकादमी में शामिल हो गए और सात साल की उम्र में फोर्ट कोची में आयोजित होने वाली स्थानीय प्रतियोगिता में संगीत के लिए स्वर्ण पदक जीता।
                                                                 
                            

1960 के दशक के मध्य में येसुदास ने प्लेबैक गायन शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने कोलीवुड की फिल्मों में गायन शुरू किया, और कुछ समय बाद उन्होंने 1970 के दशक के मध्य के दौरान बॉलीवुड में प्लेबैक गायन भी शुरू किया। उन्होंने सात बार सर्वश्रेष्ठ गायक के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। 1977 में भारत सरकार की ओर से उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। 2002 में पद्मभूषण और 2017 में पद्म विभूषण सम्मानित किया गया। केजे येसुदास के जन्म दिन पर अमर उजाला काव्य लाया है आपके लिए उनके 10 सदाबहार नग़में जिनमें ड़बी हैं इश्क की कहानियां।

गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा

शुरूआत करते हैं फिल्म चितचोर के इस गीत के साथ जिसने उन्हें दिलवाया राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार -

गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा
मैं तो गया मारा
आ के यहाँ रे
उस पर रूप तेरा सादा
चन्द्रमा जूँ आधा,
आधा जवाँ रे
गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा
मैं तो गया मारा
आ के यहाँ रे
आ के यहाँ रे

जी करता है मोर के पैरों में 
पायलिया पहना दूँ
कुहू-कुहू गाती कोयलिया को 
फूलों का गहना दूँ
यहीं घर अपना बनाने को
पंछी करे देखो
तिनके जमा रे,
तिनके जमा रे

गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा
मैं तो गया मारा
आ के यहाँ रे
आ के यहाँ रे

रंग बिरंगे फूल खिले हैं
लोग भी फूलों जैसे
आ जाए इक बार यहाँ जो
जायेगा फिर कैसे
झर झर झरते हुए झरने
मन को लगे हरने
ऐसा कहाँ रे,
ऐसा कहाँ रे

उसपर रूप तेरा सादा
चन्द्रमा जूँ आधा
आधा जवाँ रे
आधा जवाँ रे

परदेसी अन्जान को ऐसे 
कोई नहीं अपनाता
तुम लोगों से जुड़ गया जैसे 
जनम-जनम का नाता
अपनी धुन में मगन डोले
लोग यहाँ बोले
दिल की ज़बाँ रे,
दिल की ज़बाँ रे

गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा
मैं तो गया मारा
आ के यहाँ रे
उस पर रूप तेरा सादा
चन्द्रमा जूँ आधा
आधा जवाँ रे

उम्म.. ओ.. हो.. हो..

अाइए सुनते हैं ये सदाबहार नग़मा


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गोरी तेरा गाँव बड़ा प्यारा

5 वर्ष पहले

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