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अजनबी कौन हो तुम...इश्क़ की पहचान के साथ दिलों का मिलन

Flashback of Sweekar Kiya Maine film song Ajnabee Kaun Ho Tum
                
                                                         
                            1983 में रिलीज़ फिल्म स्वीकार किया मैंने में अभिनेत्री शबाना आज़मी पर फिल्माया गीत अजनबी कौन हो तुम, जबसे तुम्हें देखा है ज़िंदगी को इश्क़ की पहचान कराता है। गीत के बोल एक गहरा जीवन दर्शन लिए हुए हैं। इश्क़ शब्द को सार्थक करने वाला यह गीत मुझे बहुत प्रिय है। हमेशा की तरह लता मंगेशकर ने इस गीत में भी अपनी जादू भरी आवाज दी हैं और उषा खन्ना ने इसमें कर्णप्रिय संगीत दिया। जाने माने शायर निदा फ़ाज़ली का यह गीत बेताब मन को एकांत में ठहराव देता है।
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                

हर एक चीज अपनी गति में है...

गीत की शुरू की पंक्तियां ही नज़रों के खेल का एहसास कराती हैं कि दुनिया में सिर्फ प्रेमी-प्रेमिका ही ऐसे हैं जो एक दूसरे का विकल्प और एक दूसरे की पहचान हो सकते हैं। यूं तो संसार में हर एक चीज अपनी गति में है। जन्म से मृत्यु तक का यह सफर हमेशा जारी रहेगा। सफर कितना भी हसीन हो, खुशगवार हो लेकिन बिना साथी के यह हमेशा अधूरा ही कहा जाएगा। गीत इसी अधूरेपन को पूरा करने की एक खूबसूरत कोशिश है।
 
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हर एक चीज अपनी गति में है...

8 वर्ष पहले

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