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पानी रे पानी तेरा रंग कैसा...सौ साल जीने की उम्मीदों जैसा...

प्यास
                
                                                         
                            मनोज कुमार की फिल्में समाज और देश को कुछ ना कुछ संदेश देती हैं। कभी वह देश में आजादी और क्रांति की बात करते हैं तो कभी वह जीवन की रोजमर्रा की वस्तुओं का महत्व अपनी फिल्मों में बताते हैं। 1972  में रिलीज फिल्म शोर में उन्होंने पानी की अहमियत को समझाते हुए एक मधुर गाना बॉलीवुड को दिया।
                                                                 
                            

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा
जिसमें मिला दो लगे उस जैसा
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आनंद हमें याद दिलाता है...

8 वर्ष पहले

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