यह माटी बोले — गीत पुराना,
हर कण में बसी भारत की शान।
पग-पग पर इतिहास जगाता,
सपनों में रचता नई उड़ान।
छाँव पेड़ों की, धूप मैदानों की,
गूंजे हर स्वर में देश विधान।
रक्त वीरों का रंग बनाए,
संघर्षों से हुआ महान।
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