वो उजड़े हुए मेले और वीराने याद हैं।
मयकशी की दुनिया,मयखाने याद हैं।।
भूलना भी चाहूं तो भूल नहीं सकता।
माजी की कहानी, वो फसाने याद हैं।।
-यूनुस खान
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