तू, इस दर्द-ए-दिल का सबब ना पूछ।
ये राज़ है, राज़ का राज़ अब ना पूछ।।
अपनी हसरत, दिल खोलकर बता दे।
हो सके तो,मुझसे मेरी तलब ना पूछ।।
-यूनुस खान
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