मेरी दीवानगी इस मक़ाम तक पहुंची।
दर्द की आहें, उसके नाम तक पहुंची।।
लबों की तपिश, देखने वाला ही नहीं।
क्यूं बेसबब ही बात जाम तक पहुंची।।
-यूनुस खान
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