इस तरह से, अपनी रातें काट लेता हूं।
तुम्हारे खतों के साथ दर्द बांट देता हूं।।
मेरे और तन्हाई के दरम्यां जो खाई है।
उस खाई को, मैं खुद ही पाट लेता हूं।।
-यूनुस खान
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