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मुझे दफन करने वालों का अहसान है

                
                                                         
                            लो,आदतन दरकिनार कर गये मुझको।
                                                                 
                            
इस तरह, वो संगसार कर गये मुझको।।

हकीकत जानने से अच्छी थी , बेखुदी।
क्यूं, बेसबब वो बेदार कर गये मुझको।।

सुना है , कि मेरी अयादत को आये थे।
मेरे ग़म का ग़मख्वार कर गये मुझको।।

मेरी तन्हाई बांटने का वादा था उनका।
वो उजड़ा हुआ दयार कर गये मुझको।।

मुझे दफन करने वालों का अहसान है।
वो, जो एक ज़मींदार कर गये मुझको।।
-यूनुस खान
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 hours ago

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