ये प्यार तेरा, जो मुझ को मिला हैं
अदभुत सा मुझ को कर के गया है....
वो आंखों की रौनक जो तेरी मैं देखूं,
किसी को भी इसका हक न मिला है..
शब्दों की माला जो पहनाऊं तुझ को
मन को भी मेरे,
तुने मधुबन किया है...
सांसों की वीणा पे नाम तेरा
हर गीत मेरा तुने रचा है.....
तुझ से ये दूरी कहां खलती मुझ को
खुद सा ही तुने,
मुझ को किया है....
ये प्यार तेरा, जो मुझ को मिला हैं
अदभुत सा मुझ को कर के गया है......
ये प्यार तेरा...
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