कुछ बातें अनकही सी हमारे बीच,
किसी दिन उन्हें पूरा करने को,
तुम मुझसे मिलने की चाहत कर लेना।
चाय पे मुलाक़ात की, वो पहले जैसी
मीठी सी हसरत कर लेना।
चाहे शिकवे शिकायतें कर लेना, पर
दो घूँट अपनी नशीली मुस्कान ले आना,
थोड़ी सी यादें और
बातूनी सी ख़ामोशी भी साथ ले आना।
चाय की हर चुस्की संग
हम अधूरे लम्हों को कप में घोल लेंगे,
गर जो मैं लाऊँ जुदाई की कड़वाहट,
तुम यादों की शक्कर मिला देना।
मेरी शिद्दत ए मोहब्बत है,
बस रूह से रूह तक बहती हैं,
मैं आँखों में तेरा इंतज़ार रखूँगी,
तुम भी दिल में मेरा नाम लिख लेना।
अबकी बार मिल के ना बिछड़े,
मैं तुम्हें अपनी इबादत बना लूँगी।
तुम मुझे आदत बना लेना।
कुछ बातें अनकही सी हमारे बीच,
किसी दिन उन्हें पूरा करने को ही सही
तुम मुझसे मिलने की चाहत कर लेना।
- नीरू जैन
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