जो आज अभी है, वही सही है,
जो बीत गया, सो बीत गया।
कल आएगा, किसने देखा?
आज ही बदलेगी जीवन-रेखा।
बीते कल से सब भयभीत हैं,
आने वाले कल से भ्रमित हैं।
आज नहीं है तो कल कैसा?
आज ही बदलेगी जीवन-रेखा।
आज सँवारो, कल सँवर जाएगा,
आज बदलो, कल बदल जाएगा।
कल आएगा, किसने देखा?
आज ही बदलेगी जीवन-रेखा।
आज बीत गया तो कल आएगा,
हर कष्ट एक दिन मिट जाएगा।
खुशियों का अंबार लगेगा,
जीवन फिर मुस्कुराएगा।
कल आएगा, किसने देखा?
आज ही बदलेगी जीवन-रेखा।
मत सोचो जो बीत गया,
मत सोचो जो आने वाला है।
आज सँवारो, अभी सँवारो
अपने इस स्वर्णिम पल को।
आज नहीं है तो कल कैसा?
आज ही बदलेगी जीवन-रेखा।
आज का हर पल अनमोल है,
यही जीवन का सच्चा धन है।
जो वर्तमान को अपनाता है,
वही भविष्य का निर्माण करता है।
इसलिए आज को पूरी श्रद्धा,
साहस और विश्वास के साथ जियो।
यही वर्तमान, आने वाले कल की
सबसे सुंदर आधार-रेखा है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X