जो भी हुनर है, उसमे बादशाहत कायम रख,
मोहब्बत रख, उसका दावा भी कायम रख,
अगर वहम खामोशियां दरमियान पनप गई,
अल्म का आलम होगा, या वफ़ा कायम रख ।
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