गम के पल
गम हमको भी है की हम मना नहीं पाए,
गम उनको भी है कि हम उनके हो नहीं पाए।
और ओ भी सोचेंगी कभी कठिनाइयों के पल की मनाने वाला अच्छा था या नहीं,
पर उसने प्यार से मनाया था,हमे मान
जाना चाहिए था।
-कुमार विरेंद्र
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X