किसी के तन्हाई में जगमगाता हुआ चांद हूँ मैं,
अकेले बिताई हुई कई रातों का फरियाद हूँ मैं।
कि जंग की तन्हाई क्या मारेगी मुझको,
कि मैं भी तो किसी के दिलों का ताज हूँ ना।
और जिसने भी छोड़ा है मुझे मेरी कठिनाई देखकर,
उन्हें क्या पता की आने वाले समय का सम्राट हूँ मैं।
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