हाथ में माला, मुख में राम,
बाबा करते अद्भुत काम।
दिन भर बैठ के माला फेरें,
अंधविश्वासी इनको घेरें।
एक मनका जब आगे खिसके,
लाख रुपये आ जाते इसके।
माला से जो हुए मालामाल,
दुनिया में फैलाया जाल।
काकी-ताई शीश झुकाएं,
अपनी सारी जमा गंवाएं।
बाबा कहते—"माया छोड़ो",
धन का नाता हमसे जोड़ो।
खुद तो मर्सिडीज़ में घूमें,
चेले उनके चरण को चूमें।
इस माला में गजब की शक्ति,
बिना कमाए मिलती भक्ति।
तिजोरी उनकी भरती जाए,
जनता अपनी किस्मत रोए।
ढोंग का ऐसा चला है हाल,
देखो बाबा हुए मालामाल।
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