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सिर्फ तुम

                
                                                         
                            मुझे तुम्हारी सारी बचकानी आदतें बहुत पसंद हैं।
                                                                 
                            
मुझे तुम्हें खुश देखकर सुकून मिलता है।
तुम्हारी मुस्कुराहट मेरे हर दर्द पर मरहम का काम करती है।
मैं तुमसे अपने प्यार का इज़हार तो कभी नहीं कर सकी, लेकिन तुम्हारे साथ बिताया हर एक पल मेरे दिल के किसी कोने में हमेशा के लिए महफूज़ है।
मुझे तुम पर नाज़ है। तुम्हारी बातें मैं अक्सर अकेले में दोहराती हूँ। ऐसा लगता है जैसे उन बातों के ज़रिए मैं फिर से तुमसे बातें कर रही हूँ।
मुझे डर लगता है तुम्हें खोने से, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुमसे दूर हो जाऊँ। जब भी तुम्हारा ख़याल आता है, मेरा मन किसी चहकते हुए पंछी की तरह खिल उठता है।
मैं तुमसे कभी दूर नहीं जाना चाहती, क्योंकि मैं तुम्हें कभी खोना नहीं चाहती। तुम्हारा नाम मेरी हर दुआ में शामिल है, और मैं उसे कभी अपनी दुआओं से मिटाना नहीं चाहती।

 
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एक घंटा पहले

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