किसी मक़सद के पीछे एक आरज़ू तुम्हारी है, है रहमत भी ख़ुदा की, और मेहर भी तुम्हारी है..
हो हर ख़्वाब भी पूरा उसका, हर कठिनाई से बढ़कर हर जीत तुम्हारी है।
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