गर पहुंच सके मेरी कही उस तक
तो हवाओं लौट के आना,
तुम्हारी खुश्बू से मैं जान लूंगा
तुमने दीदार किया है।।
मैंने कब कहा
कि तुम मुझे याद करो,
पर तुम भी तो
न आया करो मेरी यादों में।।
अरसे बाद जो तेरा खत मिला
जीने की तमन्ना जागी,
हर लफ़्ज में तुझको यूँ देखा
कि खत कभी लव पे
कभी आगोश में नज़र आयी।।
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