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राज़-ए-मोहब्बत

                
                                                         
                            किसी से न बताना हाल-ए-दिल हमारी मोहब्बत का,
                                                                 
                            
ज़माना बड़ा बेदर्द है, छीन लेगा मुझसे तुम्हें।
नज़र भर जो कोई देखेगा, दिल दे बैठेगा तुम्हें,
इसी डर से दुआओँ में ही माँगूँगा हमेशा तुम्हें।
ये दुनिया प्यार की कीमत कहाँ समझेगी कभी,
हर एक अपना फ़ैसला सुनाएगा तुम्हें।
मेरी साँसों की अमानत हो, संभलकर ही रहना,
वक़्त भी आज़माएगा, रुलाएगा तुम्हें।
अगर मेरी मोहब्बत पर कभी शक होने लगे,
मेरी आँखों का आईना बता देगा तुम्हें।
मैं लफ़्ज़ों से नहीं, अपनी वफ़ाओं से लिखूँगा,
मेरा हर दर्द पहचान जाएगा तुम्हें।
किसी से न बताना हाल-ए-दिल हमारी मोहब्बत का,
ज़माना बड़ा बेदर्द है, छीन लेगा मुझसे तुम्हें।
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2 महीने पहले

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