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निगाहों का इश्क़

                
                                                         
                            प्यार कुछ इस क़दर हावी होता है इंसान पर,
                                                                 
                            
दिल में उतरकर सीधा निगाहों से ज़ाहिर होता है।

लब ख़ामोश रहें तो भी क्या फ़र्क़ पड़ता है,
सच्चा इश्क़ हर धड़कन में शामिल होता है।

छुपाने की लाख कोशिश कर ले कोई,
मोहब्बत का राज़ कहाँ आख़िर छुपता है।

जिसे चाहो रूह की गहराइयों से,
वो हर ख़्वाब में आकर मुकम्मल होता है।

न दूरियाँ उसे कम कर पाती हैं,
न वक़्त कभी उस पर भारी होता है।

मोहब्बत की ख़ुशबू हवाओं में घुल जाती है,
हर एहसास उसी का आईना होता है।

जिसे दिल अपनी दुनिया मान ले,
उसका हर दर्द भी अपना लगता है।

इश्क़ की राह में जीत-हार नहीं होती,
बस निभाने का हौसला ज़रूरी होता है।

रूह से रूह का रिश्ता जब जुड़ जाए,
हर लम्हा इबादत-सा पावन होता है।

इश्क़ अगर सच्चा हो, तो अल्फ़ाज़ नहीं माँगता,
बस एक नज़र से पूरा फ़साना बयाँ होता है।

— विकास त्रिपाठी "विक्की"
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3 महीने पहले

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