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मतलब की दुनिया

                
                                                         
                            मतलबी शख़्सों से भरी है ये दुनिया,
                                                                 
                            
खेल बड़े निराले हैं इन लोगों के।

मन में फ़रेब पाले रहते हैं हरदम,
बातें जब करते हैं, तो सामने रख देते हैं दिल निकाल के।

चेहरे पर मुस्कानों का मेला सजाते हैं,
पीठ पीछे वार करते हैं संभाल के।

हर रिश्ते को तौलते हैं अपने फ़ायदे से,
कदम बढ़ाते हैं बस हिसाब निकाल के।

सच की राह पर चलना उन्हें गवारा नहीं,
झूठ को रखते हैं बड़े ही कमाल से।

दोस्ती का लिबास ओढ़े फिरते हैं मगर,
इरादे छिपे रहते हैं कई सवाल के।

वक़्त ने सिखाया है पहचानना अब उन्हें,
जो बदल जाते हैं मौसम की चाल पे।

अब हर किसी पर ऐतबार नहीं करता,
ज़ख़्म मिले हैं मुझे अपनों के ख़याल से।

फिर भी मोहब्बत और इंसानियत ज़िंदा रखी है,
क्योंकि हम नहीं बदले किसी के बुरे विचार से।

— विकास त्रिपाठी "विक्की"
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3 महीने पहले

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