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राजनैतिक कविता

                
                                                         
                            कुछ चाटुकार, जो चरण चूमते, तलवे चाटे जाते हैं
                                                                 
                            
सत्ता के रहमो के प्रसाद, उनमें ही बांटे जाते हैं
सीधा बनकर इस दुनिया में, जीने का कोई अर्थ नहीं
जंगल में सीधे पेड़ ही, सबसे पहले काटे जाते हैं
- विकास उपाध्याय 'वैभव'
 
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2 महीने पहले

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