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यादों को सहेजता हूं

                
                                                         
                            यादों को सहेजता हूं ----
                                                                 
                            
जीवन की लंबी यात्रा में यादों का भंडार है,
वही यादें सहेजीं मैंने जिनसे जीवन गुलजार है
वो यादें तो भूल गया जिनसे जीवन दुश्वार है,
अच्छी यादें तो जीवन नौका की पतवार है
जीवन नदिया पार उतरने को पतवार नेक है,
इसीलिए अच्छी यादों का मात्र सहारा एक है
मस्तिष्क में यादें सहेजने हेतु स्थान सीमित है,
बुरी यादें भुला दीं अच्छी यादों की कीमत है.
बुरी यादें तो हमेशा चेहरे पर शिकन लातीं हैं ,
मेरी याद में तो अच्छी यादें ही स्थान पातीं हैं.
-बीपी सिंह यादव
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3 महीने पहले

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