ज़िन्दा लाश बन जाओ, दुनिया में सम्मान पाओगे,
अपनी हर ख़ुशी मारकर, अच्छे पति कहलाओगे।
दर्द हो चाहे जितना, चेहरे पर मुस्कान रखना,
ख़ुद टूटते रहना अंदर से, बाहर सबका ध्यान रखना।
ना थकने का हक़ मिलेगा, ना दर्द बताने की आज़ादी,
सबकी ख़ातिर जीते रहना, यही होगी तुम्हारी बर्बादी।
अपनी ख़्वाहिश दफ़न करके, सबकी चाहत अपनाओगे,
ख़ुद के लिए जो जीने लगे, तो स्वार्थी कहलाओगे!
-विजय बिंदास राजा
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