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उम्र कम निकली बहारों की

                
                                                         
                            उम्र कम निकली बहारों की
                                                                 
                            
रौशनी ढह गई सितारो की

जाते हुए अलविदा न कह सके
ऐसी किस्मत न थी बेचारों की

पिता के नाम से मुझे सब जानते हैं
छत बिन कीमत नहीं दीवारों की

ब-अदब गुफ्तगू करना मेरी आदत है
उसे लगा मुझे जरूरत है सहारों की

कज़ा से पहले मेरा रुकना मुझे मंजूर न था
कस्ती को आदत न लगने दी किनारो की
-- वेद प्रभाव विदुआ
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3 महीने पहले

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